covid 90 – इम्युनिटी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए कैसे सहायक है़ं

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क्या है कोरोना वायरस?

covid 90-कोरोना महामारी का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है आज पूरी दुनिया में कोरोना (COVID-19) का कहर जारी है। 

अब तक दुनिया भर में इस खतरनाक वायरस के कारण हजारों लोगों की जान जा चुकी है। लाखों लोग कोरोना से संक्रमित हैं

 विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे वैश्विक महामारी घोषित कर दिया है। 

कोरोना वायरस का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती 

 

है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत मध्य चीन के  वुहान शहर में 2019 के मध्य दिसंबर में हुई।  

 

बहुत से लोगों को बिना किसी कारण   निमोनिया  होने लगा और यह देखा गया की पीड़ित लोगों में से अधिकतर लोग वुहान सी फूड मार्केट में मछलियाँ बेचते हैं तथा जीवित पशुओं का भी व्यापर करते हैं।

 

 चीनी वैज्ञानिकों ने  corona viruse की एक नई नस्ल की पहचान की जिसे 2019-nCoV  नाम दिया गया।  

बाद में विश्व स्वास्थय़ संगढन  कोरोना वायरस की महामारी को नया नाम कोविड-19 (COVID-19) दिया। 

 

डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं.  कोरोनावायरस का अब तो कोई इलाज सामने नहीं आया हैइस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना

है लेकिन दुनिया भर के वैज्ञानिक,शोधकर्ता कोविड19 से लडने के लिए  वैक्सीन ढूंढने में जुटे हुए हैं।

 

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Covid -90 इम्युनिटी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए कैसे सहायक है़ं?

कोरोना संक्रमण काल में शरीर के जिस सिस्टम या तंत्र पर लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान गया है, वह है हमारा इम्यून सिस्टम यानी हमारी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता।

जब कोई वायरस शरीर पर हमला करता है तो हमारा इम्यून सिस्टम कई तरह के एंटीबॉडी पैदा करता है.

ये एंटीबॉडी वायरस के खास लक्षणों की पहचान कर उस पर हमला शुरू कर देते हैं. यह हमला तब तक जारी रहता है,

 जब तक वायरस शरीर में पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाते.दरअसल, हमारे आसपास कई तरह के संक्रामक तत्व या पैथोजंस होते हैं।

 हमें अंदाजा नहीं होता और हम खाने-पीने की चीजों के साथ उसे ग्रहण कर लेते हैं।

प्रदूषण भरे वातावरण में तो सांस लेने के साथ ही हम नुकसानदेह तत्वों को अवशोषित कर लेते हैं। 

हालांकि ऐसा होने के बाद भी अगर हम बीमार नहीं होते, तो इसके पीछे का कारण हमारा मजबूत इम्यून सिस्टम है।

 हमारी इम्यूनिटी ही है, जो हमें बीमारियों से बचाती है। 

यह बैक्टीरिया, वायरस, फंगस जैसे टॉक्सिन्स से लड़ती है और हमारे शरीर को बीमार होने से बचाती है। 

हमारी इम्यूनिटी मजबूत हो तो सर्दी, खांसी जैसे वायरल संक्रमण हमसे कोसों दूर रहते हैं।

 

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मजबूत इम्यूनिटी के कारण ही फेफड़े, किडनी और लीवर के संक्रमण, हेपेटाइटिस और अन्य गंभीर बीमारियों से भी बचाव होता है। 

Covid 90 संक्रमण को लेकर शुरू से कहा जा रहा है कि जिसकी इम्यूनिटी कमजोर होगी, उसे संक्रमण का ज्यादा खतरा है।

 

यदि आपको बार-बार सर्दी-जुकाम, बुखार होता है, तो इसका मतलब है कि आपकी इम्यूनिटी कमजोर है। 

किसी व्यक्ति का बीमार होना उसकी बीमारियों से निपटने की शरीर की ताकत पर निर्भर करता है, जिसे रोग प्रतिरोधक क्षमता  कहते हैं

 इसी के चलते तमाम डॉक्टर, विशेषज्ञ और स्वास्थ्य एजेंसियां इम्यूनिटी मजबूत बनाए रखने की सलाह दे रही हैं।

 

Covid 90 को लेकर शुरुआत से ही एक बात स्पष्ट हो चुकी है

कि यह वैसे लोगों को जल्दी अपना शिकार बनाता है, जिनकी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो। 

 

ऐसे में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए जरूरी है कि अपनी इम्यूनिटी बढ़ाई जाए, इसे और मजबूत बनाया जाए।

 

शोधकर्ताओं के मुताबिक संक्रमित लोगों में कोरोना फेफड़ों में पहुंचकर अपनी संख्या बढ़ाना शुरू कर देता है.

ये संक्रमण इतनी तेजी से बढ़ता है कि इम्यून सिस्टम की कोशिकाएं जब तक इससे लड़ने को तैयार होती हैं, तब तक ये वायरस शरीर में तेजी से फैल जाता है.

 संक्रमण ज्यादा होने से कई बार इम्यून सिस्टम शरीर के खिलाफ काम करने लगता है.

जब हमारा इम्यून सिस्टम ज़रूरत से ज़्यादा सक्रिय होकर रोगों से लड़ने के बजाय हमारे शरीर को ही नुक़सान पहुंचाने लगता है, तो उसे साइटोकाइन स्टॉर्म’ कहते हैं

 

.अगर हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत होगा तो इंफेक्शन का ज्यादा खतरा नहीं रहता है।अपने खानपान समेत कई और तरीकों से अपने इम्यून को मजबूत कर सकते हैं। 

 

कोरोना वायरस के  लक्षण क्या हैं (covid 90)

  • लगातार खांसी का आना यानी आपको एक घंटे या फिर उससे अधिक वक्त तक लगातार खांसी हो सकती है

और 24 घंटों के भीतर कम से कम तीन बार इस तरह के दौरे पड़ सकते हैं. लेकिन अगर आपको खांसी में बलग़म आता है तो ये भी चिंता की बात हो सकती है.

  • कुछ लोगों की सूंघने और स्वाद जानने की क्षमता में कमी आ जाती है, जबकि पेट में ऐंठन भी महसूस होती है और पेट खराब भी हो सकता है।
  • बुख़ार इस वायरस के कारण शरीर का तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है जिस कारण व्यक्ति का शरीर गर्म हो सकता है और उसे ठंडी महसूस हो सकती है.
  •  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार वायरस के शरीर में पहुंचने और लक्षण दिखने के बीच 14 दिनों तक का समय हो सकता है.

इम्युनिटी बढ़ाने के तरीके

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए स्वस्थ जीवनशैली का होना बहुत जरूरी है इस दौरान अपनी डेली लाइफस्टाइल, फिजिकल ऐक्टिविटी और खानपान का पूरा ध्यान रखें। 

अपनी डेली डायट में ऐसी चीजों को शामिल करें जिसमें ऐंटी-वायरल प्रॉपर्टीज हो ताकि आपकी इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग बने और आपका शरीर हर तरह की बीमारी से बचा रहे।

इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाने में खाने पीने की चीजों का भी अहम रोल होता है।संक्रामक रोगों से सुरक्षा के लिए विटामिन सी का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है।

 नींबू और आंवले में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त रखने में मददगार होता है।

विटामिन डी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। इससे कई रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है।

 साथ ही हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए और दिल संबंधी बीमारियों को दूर रखने के लिए भी विटामिन डी लेना बहुत जरूरी है।

ऐंटी-वायरल और ऐंटी-इन्फ्लेमेट्री प्रॉपर्टी से भरपूर तुलसी का रोजाना सेवन करें, इससे आपकी रोगों से लड़ने की ताकत मजबूत बनेगी

ओट्स में पर्याप्त मात्रा में फाइबर्स पाए जाते हैं। साथ ही इसमें एंटी-माइक्राबियल गुण भी होता है।

 
 

हर रोज ओट्स का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है।दही के सेवन से भी इम्यून पावर बढ़ती है। इसके साथ ही यह पाचन तंत्र को भी बेहतर रखने में मददगार होती है।

 

कच्चा लहसुन खाना भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने में सहायक होता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में एलिसिन, जिंक, सल्फर, सेलेनियम और विटामिन ए व ई पाए जाते हैं।

 

आहार में एंटीऑक्सिडेंट की पर्याप्त मात्रा होनी चाहिए। एंटीऑक्सिडेंट बीमार कोशिकाओं को दुरुस्त करते हैं और सेहत बरकरार रखते हुए उम्र के असर को कम करते हैं। 

बीटा केरोटिन, सेलेनियम, विटामिन-ए, विटामिन-बी2 व बी6, विटामिन-सी, विटामिन-ई, विटामिन-डी रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी हैं।

 इन तत्त्वों की भरपाई के लिए गाजर, पालक, चुकंदर, टमाटर, फूलगोभी, खुबानी, जौ, भूरे चावल, शकरकंद, संतरा, पपीता, बादाम, दूध, दही, मशरूम, लौकी के बीज, तिल आदि उपयोगी हैं।

हरी सब्जियों-फलों को विशेष रूप से भोजन में शामिल करें

कोशिश करें कि दिनभर में जितनी बार भी पानी पीएं, उसे हल्का गर्म करके ही पीएं। 

 

खासतौर पर ठंडे पानी से फिलहाल परहेज करें। क्योंकि बदलते मौसम में ये आपको बीमार बना सकता है।

 

रोज कम से कम 30 मिनट का समय सिर्फ अपने लिए निकालें। इस बीच योगासन, प्राणायाम और ध्यान लगाएं। परिवार के साथ रहते हैं, तो घर के अन्य सदस्यों को भी ऐसा करने के लिए कहें। इससे तन और मन दोनों तंदुरुस्त होगा।

 

 
Covid 90 से बचने के लिएअन्य सावधानियाँ
 


  • कोरोना वायरस बीमारी (Coronavirus disease) से खुद को बचाने के लिए हाइजीन का पूरा ख्याल रखें। 
  • बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छूना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं 
  • अगर आपको खांसी और बुखार महसूस हो रहा है तो किसी के साथ निकट संपर्क में न आए   
  •  अनावश्यक यात्रा न करें, विशेषकर प्रभावित इलाकों में। मूह में न बैठें, बड़े समारोहों में भाग न लें।जिम, क्लब और भीड़-भाड़वाली जगहों पर न जाएं
  • यदि मास्क के तौर पर रूमाल का उपयोग कर रहे हैं, हर 6 घंटे या गीला/नम होने पर इसे बदलें।
  • रूमाल को साफ करने के लिए इसे गर्म पानी और साबुन में धोएं और इसे धूप में सुखाएं। 
  • यदि आप मास्क का उपयोग कर रहे हैं, तो इसे भी 5 से 6 घंटों में या जब आपको लगता है, कि यह नम हो गया है तो इसे बदल दें। 
  • इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगंठन ने कुछ बचाव के उपाय बताए है।  जिन्हें अपनाकर आप कोरोना वायरस का रोकथाम कर सकते है।
  • covid 90संक्रमण से बचने के लिए अपने हाथों को  सैनिटाइजर (sanitizer) या फिर हैंडवॉश और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोएं।
  • कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए जब आप बाहर से घर वापस आए तो सबसे पहले अपने हाथ धोएं।
  • अगर आप बाहर है तो सैनिटाइजर का यूज करें। 
  • खांसी या जुकाम है तो मास्क पहनें। इसके साथ ही छींक आते समय टिशू से मुंह को ढक लें।जिससे कोई दूसरी व्यक्ति इससे संक्रमित न हो। 
  • उपयोग की गई टिशू को तुंरत डस्टबीन में डाल दें और अपने हाथ को धो लें।
  • खांसी या जुकाम वाले व्यक्ति से बातें करते या मिलते समय उससे करीब 1 मीटर यानी 3 फिट की दूसरी बनाकर रखें।

 

 

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